यांत्रिक स्तम्भ

एकता और जागरूकता को प्रोत्साहित करना
राज्यस्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता
अनुपपुर जिले के नर्मदांचल मे विगत 5 वर्षो से आंतरराज्यीय फुटबाल प्रतियोगीता का आयोजन ग्राम जोडो अभियान के तत्वाधानमे जेएमपी फाऊंडेशन द्वारा किया जाता है । वनांचल के साथही निकटवर्ती क्षेत्र के नवयुवक युवतीयोंको ईस प्रतियोगिता के माध्यमसे क्रिडा एवम सांस्कृतिक कार्यक्रम मे सहभागीता बढानेमे तथा कौशल्य विकास का प्रदर्शन करनेका सुअवसर प्राप्त हो रहा है। अखिल भारत स्तर पर खेलनेकी सुविधा ईसी प्रतियोगिता के माध्यम से उपलब्ध हो रही है ।
सांस्कृतिक कार्यक्रम - कला कौशल को प्रोत्साहन
श्री रुक्मिणी पिठ कौंडण्यपुर, श्री निमाढ़ मठ, ओंकारेश्वर, श्री फलहारी पीठ अमरकंटक, श्री चिंतामणी मंदिर अमरावती ईन सभी स्थानोमे आयोजीत अध्यात्मिक एवम् सांस्कृतिक कार्यक्रमोंमें विशेष रूपसे सामाजीक जिम्मेदारी को केंद्रीत कर विविध उपक्रमांद्वारा जनमानस की सेवा ही प्रधानता है ।
अखिल भारतीय केसरी धर्मसभा
कसरो धर्मसभा अखिल भारतीय केसरी धर्मसभा की स्थापना भारत वर्ष में सनातन धर्म की ध्वजा उंची फहराने हेतु की गई है। समाज के विभीन्न घटकोंको सामाजीक समरसता के माध्यमसे साथ लेकर केसरी विर के रुपमे कार्य करने हेतु युवाओं को प्रेरित कर रहे है। मानव जीवन को उच्चतम स्तर पर पहुंचाने हेतु केसरी धर्मसभा कार्यरत है। श्रीमद जगदगुरु स्वामीजीके पंचसुत्र की अवधारणा को जनजनतक पहुचाकर उत्तिष्ठ ग्राम संकल्पना को साकार करने प्रतिबद्ध है।
विदर्भ का मशहूर कुमकुम प्रभु रामलला के श्रीचरणों में प्राणप्रतिष्ठा समारोह के पूर्व अर्पित
अखिल भारतीय केसरी धर्मसभा एवं सकल हिंदू समाज अम्बानगरी की ओर से ५०० किलो कुमकुम ५०० वर्ष के संघर्ष के प्रतीक स्वरूप प्रभु श्रीराम के प्राणप्रतिष्ठा के लिए अवध भेजा गया। एक प्रतिकारात्मक चाँदी का मंगल कुमकुम कलश माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश श्री योगी आदित्यनाथ को सोपा गया और ५०० किलो का कुमकु से भरा कलश श्री रामालय ट्रस्ट को सुपूर्त किया गया। हज़ारो अम्बानगरी एवं विदर्भ के हज़ारो परिवारों ने अपने घर से कुमकुम लाकर कलश में
अखिल भारतीय केसरी धर्मसभा
संत सम्मेलन एवं शोभायात्रा का आयोजन अमरावती शहर मे सर्वप्रथम अखिल भारतिय स्तर का संत सम्मेलन आयोजीत कर अखिल भारतिय संत समीती के पदाधिकारीयोंके साथ प्रमुख अखाडोके पदाधिकारी एवम सभी राज्योसे धर्माचार्य तथा साधु संतोकी उपस्थिती ईस संत सम्मेलन का प्रमुख आकर्षणबिंदु रहा है । इस अवसर पर उपस्थित धर्माचार्योंने सनातन हिंदु वैदिक धर्म परंपराओ का आज समाज की आवश्यकता के परिपूर्ती संबंधमे समयोचीत मार्गदर्शन किया ।
श्री रामरजपादुका स्थापना, २०२४
श्री रामलला प्राणप्रतिष्ठ अयोध्या में संपन्न होने के बाद अयोध्या की पावन क्षेत्र से शरयू नदी के साथ यज्ञ भूमि एवं श्रीरामजन्मभूमि, श्री हनुमान गढ़ी से पवित्र रज का कलश लाकर श्री रुक्मिणी पीठ पर दर्शन हेतु स्थापित है। सर्वप्रथम इस पावन रामरज से श्रीरामचरण पादुका बनाकर श्रीराम मंदिर, सोमलवाड़ा नागपुर में प्रतिष्ठित की गई। श्री रामरज मंगल कलश को विदर्भ के कई मंदिरों में स्थापित किया है।
वैदिक होम हवन
परमपुज्य स्वामीजी द्वारा स्थापीत सभी आश्रमोंमें विविध धार्मिक पर्व एवम उत्सव मे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ होमहवन किया जाता है । विशेष रूपसे नवरात्री तथा श्रीगणेशोत्सव में विश्वकल्याण हेतु नित्य विधीविधानसे होमहवन संपन्न किया जाता है।
श्रीराम नवमी यात्रा
श्री क्षेत्र अमरकण्टक के श्रीराम नवमी यात्रा के दृश्य में वनांचल क्षेत्रवासी बढ़चढ़कर हिस्सा लेते दिखाई दे रहे है। धर्म जागरण एवं धर्मांतरण रोकने के लिए किए जा रहे वैचारिक प्रबोधन के साथ प्रतिवर्ष आयोजित की जा रही यात्रा सनातन सभ्यता संस्कृति का संरक्षण के लिए एक ज़रूरी कदम है। वर्तमान में पुष्पराजगढ़ के कई जिल्हो के क़स्बो में पैसों की आड़ में हो रहे धर्मांतरण को रोकने में सफलता प्राप्त हो रही है।
कुंभ मेला
संत सम्मेलन एवं शोभायात्रा का आयोजन अमरावती शहर मे सर्वप्रथम अखिल भारतिय स्तर का संत सम्मेलन आयोजीत कर अखिल भारतिय संत समीती के पदाधिकारीयोंके साथ प्रमुख अखाडोके पदाधिकारी एवम सभी राज्योसे धर्माचार्य तथा साधु संतोकी उपस्थिती ईस संत सम्मेलन का प्रमुख आकर्षणबिंदु रहा है । इस अवसर पर उपस्थित धर्माचार्योंने सनातन हिंदु वैदिक धर्म परंपराओ का आज समाज की आवश्यकता के परिपूर्ती संबंधमे समयोचीत मार्गदर्शन किया ।
पंचसूत्र योग का तत्त्व
पूज्यनीय जगद्गुरु ने मानव जीवन को समृद्ध कराने हेतु अज्ञान तथा असत्य से मुक्ति प्रात कर शाश्वत सुख का आनंद प्राप्त करने पंचसूत्र योग स्थापित किया है।