चन्द्रबुद्धि स्तम्भ

शिक्षा सक्षमीकरण : अज्ञान से मुक्ती, ज्ञान की प्राप्ती
प्रारंभिक ओजस्वी चंद्रप्रभा माधवीक चंद्र है, रात्री अज्ञानता का नाश पूर्ण प्रभा पौर्णिमा, समग्र जीवन की शिल्पकला बुध्दी का विकास है, शिक्षा आदित्य माधवीक चंद्रोदय है, जीवन जीने के आयाम ही चंद्रबुध्दी स्तंभ है शिक्षा
रामानंद पब्लिक स्कूल
पंचसूत्र के प्रथम चंद्रबुद्धी स्तंभ को प्रचारित करने हेतु बालिकाओंको शिक्षा प्रदान करने के लिए रामानंद पब्लीक स्कुल की स्थापना की गई है । प्राथमिक शिक्षासे उच्च शिक्षा की व्यवस्था ईस संस्था के माध्यमसे की जा रही है।
विद्यारंभ संस्कार
आजके ईस विज्ञानयुग मे संस्कारोसे पिछड रहे विद्यार्थीयोंको बालकावस्थामें ही उचित संस्कार देकर उनके जीवनकी ऊंचाई बढ़ने हेतु विद्यारंभ संस्कार सामुहिक तौरपर देने का उपक्रम शुरू किया । वनवासी वंचित समाजको नई दिशा देते हुए मध्यप्रदेश के पुष्पराजगढ़ पहाडी क्षेत्र और महाराष्ट्र सामाजिक समीप बैतुल जिला तथा महाराष्ट्र के अमरावती जिले में सामुहिक विद्यारंभ संस्कार कार्यक्रमो का आयोजन किया जा रहा है।
रामानंद वेद विज्ञान अनुसंधान केंद्र
आजके विज्ञानयुगमें वेदकालके विज्ञान को संलग्न कर नये मौलीक दंड स्थापित करने हेतु ईस संस्थाको स्थापन किया गया है । यहां अनुसंधान की प्रणाली का सृजन किया जायेगा। मम्मी नहीं, माँ कहो - पूजनीय जगद्गुरु श्री राजेश्वरमाऊली
पंचसूत्र योग का तत्त्व
पूज्यनीय जगद्गुरु ने मानव जीवन को समृद्ध कराने हेतु अज्ञान तथा असत्य से मुक्ति प्रात कर शाश्वत सुख का आनंद प्राप्त करने पंचसूत्र योग स्थापित किया है।