सामाजिक स्तंभ

हुन्नर सक्षमीकरण : कलाहीनता से मुक्ती, कौशल्य की प्राप्ती
हुन्नर शैली का सबसे बडा अविष्कार, जीवन व्यापन करने का आधार, मानवता में साक्षात्कार, हुन्नर ही देता है आकार, बढने का साहस और पुननिर्माण होने का साकार, हुन्नर ही जीवन शैली का आधार ।
ग्रामजोड़ों अभियान के माध्यम से सामाजिक समरसता का संदेश
ग्रामजोडो अभियान
विगत 7 वर्षसे समाज हितमे ग्राम जोडो अभियान शुरू किया है । परमपुज्य स्वामीजी द्वारा जीवनके मौलिक उन्नती हेतु स्थापी
वनवासी महिलाओं को स्नेहबंध बांधते हुए
रामानंद स्नेह यात्रा ( 110 गाँव / ११ दिन / १५० कार्यकर्ता)
अनुपपुर जिले के हर ग्राम मे जाकर "जांती - पांती की करो बिदाई, हम सब भाई भाई" ईस घोष वाक्य को प्रचलित किया और ग्राम के घर घर जाकर ग्रामवासियोंसे स्नेहपुर्ण संवाद करनेसे वनवासीयोंके मनसे नया विश्वास प्रगट हुआ, फलस्वरूप कीसीने अपनी कुटीया मे ले जाकर भावभिने आदर सम्मान के साथ विधीवत पुजन किया, किसीने स्नेहसे भोजन कराया और आशीर्वाद प्राप्त किया ।
आईबा वरिष्ठ नागरिक सेवासदन
आईबा वरिष्ठ नागरिक सेवासदन भारत वर्ष मे दुर्भाग्यवश जीन वृद्ध व्यक्तीयोंकी पोषण एवम् आरोग्य देखभाल की उपेक्षा हो रही है ऐसे जरूरतमंद वृद्धोंको जीवन के अंतिम समयतक आवश्यक सुविधा प्रदान करने हेतु "आई-बा" निवास उपक्रम शुरू किया गया है । स्वयं की माता पिता की देखभालकी भांती ईस आश्रम के वृद्धोंको समर्पित सेवा देकर मनःशांती प्राप्त होगी ईस बात की ओर खासतौर पर गौर करते कार्य कर रहे है ।
पी ४ प्यासे पेड को पानी पिलाओ
आज वृक्षारोपण के लिए सभी सभी संस्था के कार्यकर्ता कृतिशील दिखाई देते है लेकीन लगाये हुए पौधोको कडी गरमी के दिनोमें पानी न मिलनेसे पौधे नष्ट हो जाते है इस दुर्लक्षित विषयमें कार्य करने हेतु परमपुज्य स्वामीजीने "प्यासे पेड़को पानी पिलाओ" - P4 ईस उपक्रम मे सहयोगीता के लिए जनजागरण किया फलस्वरूप वृक्षप्रेमी व्यक्ती घरसे बाहर निकलते समय कमसे कम एक बिसलेरी की खाली बाटल मे पानी भरकर साथ रखते है, और रास्ते के किसी पौधेको ईस पानीसे सिंचते है । इस कार्य के लिए भारी संख्यामे सहयोगी कार्यरत है ।
नर्मदा स्वच्छता अभियान
ग्राम जोडो अभियान में माता श्री नर्मदा के जल की पवित्रता स्वच्छता के माध्यम से अखंड रखने हेतु श्री नर्मदाजयंती उत्सव के पूर्व अमरकंटक तथा खेडीघाट मे माता श्री नर्मदा के तटपर साफसफाई की गई।
।। प्रकृती दे प्राणदान, जल दे जीवनदान वायु दे चेतना दान,
इस चेतना को चेतन करे अन्नदान अन्नमय प्राण ।।
श्री रुक्मिणी रसोई
माता रुक्मिणीजी के समाधि स्थल पर एवं रुक्मिणी पीठ पर तैत्रीय उपनिषद के अनुसार 'अन्नमय प्राण' एवं ऋषि-मुनियों एवं संतों द्वारा यज्ञ यज्ञ कहा जाता है, जिसमें सर्वोत्तम महायज्ञ होता है जो परिवार एवं पितरों की मुक्ति के लिए होता है। इस महायज्ञ में सर्वोत्तम दान अन्नदान कहलाता है। श्री रुक्मिणी पीठाधीश्वर जगतगुरु रामानंदाचार्य स्वामी श्री राजेश्वरमाऊली सरकार ने मानव कल्याण के लिए अन्न त्याग को रुक्मिणी रसोई का नाम दिया है। मानव कल्याण शिव । संकल्प से, जनमानस से श्री रुक्मिणी पीठ द्वारा इस यज्ञ आहुती में श्री रुक्मिणी रसोई पुण्यांश के सहभागी बने।
कोरोना वारियर्स
जेएमपी फाउंडेशन ने कोरोना महामारी के दौरान समाज के कमजोर वर्गों तक चिकित्सा सुविधाएं, भोजन और आवश्यक सेवाएं पहुंचाई। हमने जरूरतमंदों को शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक सामर्थ्य प्रदान किया। विभिन्न क्षेत्रों में हमारी टीम ने संकट से उबारने में लोगों की मदद की और आवश्यक संसाधन मुहैया कराए।
लोकनाटक से जनजागृति
। बाल यौन शोषण पर नुक्कड़ नाटक के द्वारा जागरूकता फैलाने का उद्देश्य नाबालिग बच्चों के साथ हो रहे अपराधो को रोकना है। आये दिन हम न्यूज में सुनते है कि घर के रिश्तेदारो, पड़ोसी, मित्र या अन्य द्वारा बच्चे बाल यौन शोषण का शिकार हो रहे हैं । चाहे लड़की हो या लड़का दोनो उत्पीड़ति हो रहे हैं । इसकी रोकथाम के लिए न्यायालय द्वारा जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि कम से कम मामले यौन शोषण के दर्ज हो। साथ ही एनजीओ जगद्गुरु राजेश्वर माऊली पब्लिक फाऊंडेशन का भी यही उद्देश्य है कि बाल यौन शोषण पर रोक लगाया जाए । बच्चो से उनका बचपन नहीं छिना जाए । न्यायालय के आदेश पर एनजीओ की टीम हमेशा सहयोग के लिए तैयार
जेल मे सजा काट रहे कैदियों के परिवार की शिक्षा एवं जगदगुरु ने जेल में बंद कैदियों के बच्चों आर्थिक मदद
बडवाह जेल के कैदियोको ब्लॅकेट का वितरण किया गया । कैदियोके परिवारसे समाज दुरी बनाकर रखता है, परिवारका मुखिया जेल सजा काट रहा है ऐसे हालात मे परिवार को दो समय की पेट भरनेकी स्थीतीभी नही रहती फिर उस परिवारके बालकोकी पढाई के विषय में किसी को चिंता नही होती, ईस विषयमे परमपुज्य स्वामीजी ने जेल मे प्रत्यक्ष कैदियोंसे जानकारी लेकर उनके परिवार के लिए नियमित रूपमे सहायता की, उनके बालकोंको पढाई के लिए उचित व्यवस्था का प्रावधान किया फलस्वरूप बालकों का भविष्य उज्जवल बनना सुनिश्चित है।
रोग चिकित्सा निदान
समाजके जरूरतमंद वृद्ध एवम साधुओंके लिए निर्धारित समयमे रोगचिकित्सा एवम रोगनिदान तथा उपचार हेतु शिबीरोंका आयोजन कर तज्ञ विशेषज्ञो द्वारा चिकीत्सा एवम उपचार कर वैद्यकिय सुविधा प्रदान की जाती है ।
शैक्षणिक साहित्य वितरण
वनांचल पुष्पराजगढ़ के वनवासी आर्थीक दुर्बल समाज के छात्र तथा छात्राओंके लिये शैक्षणिक साहित्य का वितरण किया गया ।
निःशुल्क चष्मे वितरण एवं निःशुल्क ऑपरेशन
जरूरतमंद वृद्ध व्यक्तीओंके लिए मोतीबिंदु ऑपरेशन एवं चष्मा वितरण उपक्रमद्वारा सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे है।
नर्मदा परिक्रमवासीयो के लिए भोजन एवं निवास व्यवस्था
श्री क्षेत्र अमरकण्टक के फलाहारी मठ और श्री क्षेत्र ओंकारेश्वर के निमाड़ मठ में नर्मदा परिक्रमवासियों के लिये सेवा कार्यरत है।
रक्तदान
विविध उत्सव में उपस्थीत सज्जनों तथा भक्तोद्वारा रक्तदान कर जिला अस्पताल में जरूरतमंद रोगी व्यक्तीयोंको रक्त उपलब्ध किया जाता है।
पंचसूत्र योग का तत्त्व
पूज्यनीय जगद्गुरु ने मानव जीवन को समृद्ध कराने हेतु अज्ञान तथा असत्य से मुक्ति प्रात कर शाश्वत सुख का आनंद प्राप्त करने पंचसूत्र योग स्थापित किया है।