Rukmini Pith

श्री रुक्मिणी पीठ

श्री रुक्मिणी माता की प्रागट्य भुमी श्रीक्षेत्र कौंडण्यपुर

विदर्भ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक प्राचीन राजधानी एवम् श्री रुक्मिणी माता की प्रागट्य भुमी श्रीक्षेत्र कौंडण्यपुर

पुराणोक्त अखंड भारत के मानचिन्ह पर सांस्कृतिक सभ्यता, आध्यात्मिक राजनैतिक एवं सामाजिक गौरवकालीन विदर्भ राजधानी कौंडण्यपुर- अंबिकापुर नगरी रही है। अनेकों ऋषी, पुण्यात्माओं की भुमी रही है। ऐतिहासिक दृष्टीगोचर से पुर्वकालीन प्रभु श्री रामचंद्रजी का ननीहाल भी रहा है, अज की पत्नी इंदुमती, अगस्त्य की पत्नी लोपमुद्रा (कावेरी) श्रीमद भागवत के विश्व पटलपर द्वारका एवं कौंडण्यपुर की महिमा, भीष्मक नंदिनी श्री जगतजननी माता लक्ष्मीजी का अवतार श्री रुक्मिणीजी के नाम से विख्यात यह पुण्य तपस्थली, महाराष्ट्र राज्य के विदर्भ क्षेत्र ग्राम अंबिकापुर में स्थित है। संस्कृत महाकवी कालीदास द्वारा रचित मेघदुत महाकाव्य की नायिका दमयंती का भी जन्मस्थान कौंडण्यपुर ही रहा है।

राजा भगीरथ की माता सुकेशिनी की जन्मनगरी भी कौंडण्यपूर है। सृष्टीकर्ता परमपिता ब्रह्माजी के पुत्रों सनक, सनंदन, सनातन, एवं सनतकुमार ने भगवान विष्णु के श्री चरण पखारने के पश्चात जो जल प्रवाहित हुआ। उस प्रवाहित माता गंगा को वशिष्ठ ऋषी ने विदर्भ प्रांत से आगे ले जाते समय इस श्रीक्षेत्र कौंडण्यपुर को पावन किया इसलिए यहां प्रवाहित गंगा माता पूर्वकाल में वशिष्ठा नाम से प्रचलित हुई। उस वशिष्ठा को आज वर्धा नदी के रूप में पहचाना जाता है।

इस कौंडण्यपुर क्षेत्र की पुरातन विभाग ने खुदाई करने के बाद द्वापार युग और पाषाण युग के प्रमाण पाए गए है और इसका उल्लेख हैद्राबाद राजपत्र में किया गया है। इस परमपावन कौंडण्यपुर नगरी से श्रीकृष्ण भगवान ने माता श्री रुक्मिणी का पत्नी रूप में स्वीकार कर द्वारका ले जाने की कथा श्रीमद् भागवत महापुराण में विशेष प्रसिद्ध है।

अंबिकापुरनगरी

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Rajendra Jhade profile pictureRajendra Jhade
17:15 30 Dec 24
Divine and supernatural experience
Dipak Puri profile pictureDipak Puri
06:24 12 Oct 23
🙏
Piyush Mor profile picturePiyush Mor
17:48 25 Feb 19
Swami rajrajeshwaracharya is supreme!
nishant sawarkar profile picturenishant sawarkar
09:12 17 Jan 19

संकल्पना

विदर्भ की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर श्रीक्षेत्र कौंडण्यपूर में परमपुज्य अनंत श्री विभुषित जगद्गुरु रामानंदाचार्य श्री राजेश्वरमाऊली सरकार द्वारा श्री रुक्मिणी विदर्भ पीठ की स्थापना की गई है।

श्री रुक्मिणी पीठ की स्थापना श्रीक्षेत्र कौंडण्यपुर में करने के साथ ही हिंदु धर्म की परंपराओं को शाश्वत रूप में स्थापित करने हेतु सामाजिक विकास के लिए संकल्पित होकर जनमानस का प्रबोधन हो रहा है। श्री क्षेत्र कोंडण्यपूर महात्म्य माता श्री रुक्मिणी के प्रागट्यस्थान श्रीक्षेत्र कौंडण्यपूर के रूप में घरघर पहुंचाने हेतु सांस्कृतिक एवंम् पर्यटन केंद्र रूप में विकसित करना यही ध्येय रखकर कार्य शुरू है।

श्री रुक्मिणी पीठ अंतर्गत संलग्न संस्थाए

आध्यात्मिक केंद्र में आयोजित आध्यात्मिक कार्यक्रम

श्री जगद्गुरु रामानंदाचार्य उत्सव


माता श्री रुक्मिणी उत्सव

आध्यात्मिक केंद्र में आयोजि मुख्य हिन्दू त्यौहार

जे एम पी फाउंडेशन के उपक्रम - कार्यरत

जे एम पी फाउंडेशन के उपक्रम - प्रस्तावित