राजयोग ध्यान उपक्रम विश्व योगदिवस के रूप में भारत के...
जिस व्यक्ती का आत्मा से साक्षात्कार हो गया उसे परमात्मा के भी दर्शन हो जाते है
अनंत श्री विभूषित जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी राजेश्वरमाऊली सरकार
जगद्गुरु , कवि और लेखक
हिंदू धर्म, संस्कार, आचार, विचार एवं भगवतगीता और राष्ट्र भक्ती की शिक्षा बालकोको देना जरुरी
अनंत श्री विभूषित जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी राजेश्वरमाऊली सरकार
जगद्गुरु , कवि और लेखक
बिना संस्कृति के मनुष्य का जीवन बेकार
अनंत श्री विभूषित जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी राजेश्वरमाऊली सरकार
जगद्गुरु , कवि और लेखक
भारतीय संस्कृति और सभ्यता को जतन करने की शक्ति केवल युवाओमें
अनंत श्री विभूषित जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी राजेश्वरमाऊली सरकार
जगद्गुरु , कवि और लेखक
विदर्भ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक प्राचीन राजधानी एवम् श्री रुक्मिणी माता की प्रागट्य भुमी श्रीक्षेत्र कौंडण्यपुर पुराणोक्त अखंड भारत के मानचिन्ह पर सांस्कृतिक सभ्यता, आध्यात्मिक राजनैतिक एवं सामाजिक गौरवकालीन विदर्भ राजधानी कौंडण्यपुर- अंबिकापुर नगरी रही है।
मात्रा ३० वर्ष की युवावस्था में श्रीक्षेत्र प्रयागराज त्रिवेणी संगम पर महाकुंभ मेले में आपको जगद्गुरु रामानंदाचार्य पद पर प्रतिष्ठीत किया गया । “चलो गाँव की ओर, विकास से समृद्धि की ओर" इस मूल सिद्धांत पर आप निरंतर आध्यात्मिक एवं सामाजिक कार्य कर रहे है।
विगत 7 वर्षसे समाज हितमे ग्राम जोडो अभियान शुरू किया है । परमपुज्य स्वामीजी द्वारा जीवनके मौलिक उन्नती हेतु स्थापीत पंचसुत्र के आचरण एवम अनुसरण का प्रबोधन तथा दर्शनकृती कार्यक्रमोंद्वारा जनमानस को जागृत कर रहे है ।
मूल कार्य और पहल का तात्पर्य किसी संगठन, संस्था, या व्यक्ति द्वारा किए गए उन मुख्य कार्यों और योजनाओं से है, जो उनके उद्देश्य, दृष्टिकोण और मूल्यों को दर्शाते हैं। यह किसी भी संगठन की प्राथमिक गतिविधियों और प्राथमिकताओं का प्रतिबिंब होता है।
आजके विज्ञानयुगमें वेदकालके विज्ञान को संलग्न कर नये मौलीक दंड...
श्री रुक्मिणी विदर्भ पीठ संस्थान का मूल उद्देश्य मनुष्य के बहुआयामी मूल्यों को विकसित करना है। इस संस्थान द्वारा जनकल्याण हेतु सामाजिक और आध्यात्मिक उपक्रमों द्वारा विभिन्न शिक्षा, स्वास्थ्य, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, औद्योगिक, कृषि, पर्यावरण एवं व्यक्तिमत्व विकास संबंधित क्षेत्रों में निरंतर कार्यरत है।

बालिकाओंको शिक्षा प्रदान करने के लिए रामानंद पब्लीक स्कुल की स्थापना की गई है । प्राथमिक शिक्षासे उच्च शिक्षा की व्यवस्था ईस संस्था के माध्यमसे की जा रही है ।

जरूरतमंद वृद्ध एवम साधुओंके लिए निर्धारित समयमे रोगचिकित्सा एवम रोगनिदान तथा उपचार हेतु शिबीरोंका आयोजन कर तज्ञ विशेषज्ञो द्वारा चिकीत्सा एवम उपचार कर वैद्यकिय सुविधा प्रदान की जाती है ।

वृक्षप्रेमी व्यक्ती घरसे बाहर निकलते समय कमसे कम एक बिसलेरी की खाली बाॅटल मे पानी भरकर साथ रखते है , और रास्ते के किसी पौधेको ईस पानीसे सिंचते है ,श्री नर्मदा के जल की पवित्रता स्वच्छता

सनातन धर्म की प्राचीन विज्ञाननिष्ठ परम्पराओं के संवर्धन हेतु आध्यात्मिक मौलिक उत्सव जैसे श्रीराम नवमी,श्री कृष्ण जन्माष्टमी , गणेशोत्सव , नवरात्री उत्सव मनाकर , माताश्री रुक्मिणी के भक्ति धारा को प्रवाहित करते हुवे आज के वैज्ञानिक युग में बालक तथा युवाओमें चेतना का संचार करना है |

सनातन वैदिक हिंदु धर्मकी मान्यताओंको केंद्रित कर रामानंद गौशाला का निर्माण किया गया है । ईस गौशालामे गौओके साथ गोवंश का संवर्धन करने के साथ उपयुक्त प्रक्रिया केंद्र के माध्यमसे जरूरतमंद स्थानीक व्यक्तीयोंको रोजगार भी उपलब्ध किया जा रहा है ।
पूजनीय जगद्गुरु श्री राजेश्वरमाऊली जन्मोत्सव को प्रतिवर्ष १२ दिसंबर को भक्तों द्वारा श्री रुक्मिणी पीठ के भव्य प्रांगण में सामाजिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से बड़े हर्षोल्लास के साथ […]